Literature · Culture

जब सरहदों पर

जब सरहदों पर

रजनी शर्मा ‘कुहू’ ट्विटर पर गजब लोकप्रिय हैं और 15 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स रखती हैं. पेश है उनकी कविता…

जब सरहदों पर
ढीली कंटीली तारों को
खींचा जा रहा हो
तुम एक कविता लिखना
प्रेम क्या है ये लिखना
नफरत के मायने लिखना

तुम खाई, खंदक, बंकर और
बारूद का धुंआ लिखना
फौजी बूटों से उड़ती धूल
धूप में तपते टैंट
धड़कनों के साथ
धमकती आवाजें लिखना

और लिखना ये कि
सपने देखे जा रहे हैं अब भी
बेटी का स्कूल जाना,
बेटे का साइकल चलाना
घूंघट से दो आंखों का मुस्कुराना
इन सपनों का फिर फिर लिखना

बंदूकों को उलटा करके
रेत पर बनाई जा रही
उसकी तस्वीर लिखना
घर लौटने को तैयार फौजी की
फिर रद्द हुई छुट्टियां लिखना
मां का इंतजार भी लिखना

जब सरहदों पर
ढीली कंटीली तारों को
खींचा जा रहा हो
तुम एक कविता लिखना

रजनी शर्मा ‘कुहू’ ट्विटर पर गजब लोकप्रिय हैं और 15 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स रखती हैं. पेशे से वह पत्रकार हैं विभिन्न विषयों पर लगातार लिखती रहती हैं. उनसे twitter.com/Kuhu_bole पर संपर्क किया जा सकता है.

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