सुर , साज़ और मौसीक़ीः क़िस्से तवायफ़ों के

इतिहासकार प्रोफेसर नीलिमा पाण्डेय इस सीरीज में तवायफों की कुछ ग़ज़ब कहानियां लेकर आई हैं. पहली कड़ी में किस्सा उमराव जान अदा का… हिन्दुस्तान में तवायफ़ संस्कृति का इतिहास राजशाही से अभिन्नता से जुड़ा हुआ है. कोठे , मुजरे , गीत-संगीत मनोरंजन का माध्यम थे. आमतौर पर माना जाता है कि सोलहवीं शताब्दी में मुगलों … Continue reading सुर , साज़ और मौसीक़ीः क़िस्से तवायफ़ों के